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नैनीताल में हिंसा: रेप केस के बाद मुस्लिम दुकानों और मस्जिद पर हमला | New PaperDoll

नैनीताल में हिंसा: रेप केस के बाद मुस्लिम दुकानों और मस्जिद पर हमला

30 अप्रैल 2025 को नैनीताल में एक 12 साल की बच्ची से रेप की घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। इस घटना के बाद नैनीताल में हिंसा भड़क उठी। भीड़ ने मुस्लिम दुकानों में तोड़फोड़ की, जामा मस्जिद पर पथराव किया, और नारे लगाए – “मुल्लों को काट डालो लोकल लोग और व्यापार मंडल का कहना है कि यह सब सुनियोजित था। आइए, जानते हैं कि नैनीताल में हिंसा कैसे शुरू हुई, क्या था इसका मकसद, और क्या कहते हैं स्थानीय लोग।

रेप केस: कैसे शुरू हुआ मामला?

12 अप्रैल 2025 को 12 साल की एक बच्ची के साथ 73 साल के ठेकेदार मोहम्मद उस्मान ने रेप किया। उसने बच्ची को 200 रुपये का लालच देकर अपने घर बुलाया और गैरेज में खड़ी कार में वारदात को अंजाम दिया। डर के मारे बच्ची ने किसी को कुछ नहीं बताया। जब उसकी हालत बिगड़ी, तो पड़ोसियों ने अस्पताल जाने की सलाह दी। 30 अप्रैल की रात बच्ची की मां ने मल्लीताल थाने में FIR दर्ज कराई। मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई, और उस्मान को गिरफ्तार कर लिया गया।

नैनीताल में हिंसा की शुरुआत

रेप की खबर फैलते ही रात 8:30 बजे तक मल्लीताल थाने के बाहर भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने उस्मान को सौंपने की मांग की और नारेबाजी शुरू कर दी। जल्द ही माहौल बिगड़ गया। भीड़ ने बड़ा बाजार में मुस्लिम दुकानों पर हमला किया, तोड़फोड़ की, और दुकानदारों को पीटा। नारे लगाए गए – “मुल्लों को काट डालो।”

दुकानदार अहमद अंसारी, जिन्हें गंभीर चोटें आईं, कहते हैं, “भीड़ ने सिर्फ मुस्लिम दुकानों को निशाना बनाया। अगर कोई गलत है, तो उसे सजा मिले, लेकिन बेगुनाहों को क्यों मारा?”

जामा मस्जिद पर पथराव

रात 11 बजे भीड़ ने जामा मस्जिद पर पथराव शुरू किया। मस्जिद समिति के अध्यक्ष मोहम्मद जुएब बताते हैं, “50-60 लोग नारे लगा रहे थे – मस्जिद को आग लगा दो। बाद में 300 लोगों की भीड़ आई। रात ढाई बजे तक पथराव होता रहा।” उन्होंने कहा कि 1872 की इस मस्जिद पर पहले कभी ऐसा हमला नहीं हुआ।

पुलिस पर भी हमला

भीड़ ने मल्लीताल थाने के दरोगा आसिफ खान पर भी हमला किया। उनकी वर्दी खींची गई और मारपीट की कोशिश हुई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, लेकिन हालात बेकाबू हो गए।

क्या यह हिंसा सुनियोजित थी?

लोकल लोग और व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन सिंह नेगी का दावा है कि नैनीताल में हिंसा सुनियोजित थी। भीड़ में BJP नगर मंडल, बजरंग दल, VHP, और शिवसेना के कार्यकर्ता शामिल थे। नेगी कहते हैं, “ज्यादातर लोग बाहर से आए थे। मुस्लिम दुकानों को निशाना बनाना पहले से तय था। उस्मान की गिरफ्तारी ने बहाना दे दिया।”

दो महीने पहले भी करीम रेस्टोरेंट में एक छोटे विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हुई थी। मनोज जोशी और विवेक वर्मा जैसे लोग दोनों बार भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों की मांग

प्रदर्शनकारी उस्मान के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाने और उसे फांसी देने की मांग कर रहे हैं। कुछ ने तो मुस्लिमों को नैनीताल से “सफाया” करने की बात कही। रीना कश्यप ने कहा, “उस्मान का परिवार यहां से भगा देना चाहिए। हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।”

शांति की कोशिश करने वालों को धमकियां

दुकानदार शैला नेगी ने भीड़ को रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “विक्टिम के लिए इंसाफ मांगने की बजाय लोग सांप्रदायिक हिंसा भड़का रहे हैं।” इसके बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने हिंसा और तोड़फोड़ के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 324(2), 191(2), और 126(2) के तहत केस दर्ज किया। उस्मान के खिलाफ BNS की धारा 65(1), 351(2), और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज है। SP प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा, “हम दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करेंगे।”

नैनीताल पर असर

नैनीताल में हिंसा ने स्थानीय कारोबार और टूरिज्म को बड़ा झटका दिया। दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ। टूरिस्ट डर की वजह से आने से कतरा रहे हैं। अहमद अंसारी कहते हैं, “मैं दुकान खोलने से डर रहा हूं। क्या पता फिर हमला हो।”

लोकल लोगों की राय

मोहम्मद जुएब कहते हैं, “नैनीताल में हिंदू-मुस्लिम हमेशा मिलकर रहे। कुछ लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं। प्रशासन को सख्ती करनी चाहिए।” किशन सिंह नेगी ने कहा, “इस हिंसा ने नैनीताल की बदनामी कर दी। टूरिज्म को नुकसान हुआ।”

निष्कर्ष

नैनीताल में हिंसा एक बच्ची के साथ रेप की दुखद घटना से शुरू हुई, लेकिन इसे बहाना बनाकर सांप्रदायिक हिंसा भड़काई गई। मुस्लिम दुकानों और मस्जिद को निशाना बनाना सुनियोजित लगता है। नैनीताल जैसे शांत शहर में ऐसी घटनाओं ने लोगों का भरोसा तोड़ा है। प्रशासन को दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी, ताकि दोबारा ऐसा न हो।

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