Advertisement

भारत के 244 शहरों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल: युद्ध की तैयारी | New PaperDoll

भारत के 244 शहरों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल: युद्ध की तैयारी
नई दिल्ली, 7 मई 2025

भारत ने मंगलवार रात 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 244 शहरों में 12 मिनट की ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की। गृह मंत्रालय के आदेश पर ये ड्रिल हुई, ताकि युद्ध या आतंकी हमले जैसी इमरजेंसी में लोग बचाव करना सीख सकें।

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल क्यों?

पहलगाम में आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद सुरक्षा को और पक्का करने के लिए ब्लैकआउट मॉक ड्रिल कराई गई। इसमें लोगों को हवाई हमले या युद्ध में सुरक्षित रहने और निकासी के तरीके सिखाए गए।

कहां-कहां हुई ड्रिल?

गृह मंत्रालय ने 244 शहरों को सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट बनाया है। इन्हें तीन कैटेगरी में बांटा गया:

  • कैटेगरी-1: सबसे खतरनाक जिले (13 जिले, जैसे बुलंदशहर का नरौरा न्यूक्लियर प्लांट)।
  • कैटेगरी-2: 201 मध्यम जोखिम वाले जिले।
  • कैटेगरी-3: 45 कम जोखिम वाले जिले।

दिल्ली, भोपाल, इंदौर, जयपुर, कोटा, पटना, वडोदरा, अजमेर, शिमला जैसे शहर शामिल थे।

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में क्या हुआ?

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में ये चीजें हुईं:

  • सायरन: हवाई हमले का अलर्ट देने के लिए सायरन बजा। जैसे, पटना में शाम 6:58 बजे सायरन बजा और 7 बजे ब्लैकआउट।
  • ब्लैकआउट: 12-15 मिनट तक बिजली बंद रही, ताकि दुश्मन को निशाना ढूंढने में दिक्कत हो।
  • ट्रेनिंग: स्कूल, मॉल, और पब्लिक जगहों पर लोगों को सुरक्षित जगह जाने का प्रशिक्षण।
  • मॉक ड्रिल: फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, पुलिस ने घायलों को निकालने और आपदा प्रबंधन का अभ्यास किया।

राज्यों में क्या हुआ?

हर राज्य में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का अलग नजारा था:

  • दिल्ली: खान मार्केट और एनडीएमसी ऑफिस में ड्रिल।
  • मध्य प्रदेश: भोपाल के डीबी मॉल और इंदौर में फायर सेफ्टी ड्रिल।
  • राजस्थान: जयपुर, कोटा, सीकर में रेस्क्यू ड्रिल।
  • बिहार: पटना में “भारत माता की जय” के नारे।
  • हरियाणा: गुरुग्राम के स्कूलों में बच्चों को टेबल के नीचे छिपने की ट्रेनिंग।

ड्रिल का मकसद

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का मकसद युद्ध में लोगों को सुरक्षित रखना है। सायरन और ब्लैकआउट से लोग बिना डरे सुरक्षित जगह पहुंच सकते हैं। ये दुश्मन के हवाई हमलों को रोकने की रणनीति है।

पहले कब हुई थी ऐसी ड्रिल?

भारत में आखिरी बार 1971 के भारत-पाक युद्ध में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल हुई थी। 1962 में अमेरिका ने भी न्यूयॉर्क में ऐसी ड्रिल की थी। गृह मंत्रालय ने 5 मई 2025 को ड्रिल के लिए ऑर्डर दिए थे।

अंत में

ये ब्लैकआउट मॉक ड्रिल न सिर्फ सिक्योरिटी फोर्स की तैयारियों को चेक करने का मौका थी, बल्कि आम लोगों को इमरजेंसी में बचने की ट्रेनिंग भी दी। 244 शहरों में हुई इस ड्रिल ने सिविल डिफेंस की ताकत दिखाई और लोगों की सुरक्षा को पहला लक्ष्य बनाया।

https://amzn.to/42JgTWk
राजस्थान धूलभरी हवा: जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर में पारा 3 डिग्री गिरा, 14 शहरों में राहत
वैभव सूर्यवंशी IPL डेब्यू: 14 साल की उम्र में पहली गेंद पर सिक्स, जयपुर में सीट विवाद
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे गठबंधन: 19 साल बाद महाराष्ट्र के लिए एकजुट होने का संकेत 
लखनऊ सुपरजायंट्स vs राजस्थान रॉयल्स: IPL 2025 में 2 रन से लखनऊ की रोमांचक जीत 
काठमांडू में सेक्स वर्क में तेजी: 5 साल में दोगुनी हुई सेक्स वर्कर्स की संख्या
शुभांशु शुक्ला: पहले भारतीय के रूप में मई 2025 में ISS पर, एक्सिओम 4 मिशन की पूरी जानकारी

कोल्हापुर मर्डर केस 2017: मां की हत्या और बेटे की दरिंदगी की कहानी

कोल्हापुर मर्डर केस: बेटे ने मां का कलेजा निकालकर खाया, बिना गवाह सुलझी गुत्थी
राजस्थान चपरासी भर्ती 2025: 18.50 लाख से अधिक आवेदन, सितंबर में होगी परीक्षा
राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती 2025: 9617 पदों का नोटिफिकेशन, 28 अप्रैल से आवेदन शुरू

Latest Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *