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भारत का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम: 400 KM दूर से टारगेट लॉक, खासियतें और क्षमताएं | New PaperDoll

भारत का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम: 400 KM दूर से टारगेट लॉक, खासियतें और क्षमताएं

भारत का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्या है?

भारत का S-400 एक अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे रूस के एलमाज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ने विकसित किया है। यह दुश्मन के मिसाइल, ड्रोन, राकेट लॉन्चर और लड़ाकू विमानों के हमलों को रोकने में सक्षम है। 2018 में भारत और रूस के बीच 5 यूनिट के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये की डील हुई थी। इसे दुनिया के सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है।

हालिया घटना में S-400 की भूमिका

हाल ही में पाकिस्तान ने भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। इन ठिकानों में अवंतिपोरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल थे। भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने इन सभी हमलों को विफल कर दिया। जवाबी कार्रवाई में, भारत ने पाकिस्तान के लाहौर में स्थापित HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया, जिसे पाकिस्तान ने चार साल पहले चीन से खरीदा था।

S-400 की प्रमुख विशेषताएं

  1. मोबाइल सिस्टम: S-400 की सबसे बड़ी विशेषता इसका मोबाइल होना है। इसे सड़क मार्ग से कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है।
  2. उन्नत रडार प्रणाली: इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा है, जो लगभग 600 किलोमीटर की दूरी से कई लक्ष्यों का पता लगा सकता है।
  3. त्वरित तैनाती: आदेश मिलने के मात्र 5 से 10 मिनट में ही यह ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाता है।
  4. बहु-लक्ष्य क्षमता: S-400 की एक यूनिट एक साथ 160 वस्तुओं को ट्रैक कर सकती है। एक लक्ष्य के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं।
  5. विस्तृत रेंज: S-400 में ‘400’ इस सिस्टम की रेंज को दर्शाता है। भारत के पास मौजूद सिस्टम की रेंज 400 किलोमीटर है। यह 400 किलोमीटर दूर से अपने लक्ष्य का पता लगाकर जवाबी हमला कर सकता है और 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी लक्ष्य पर हमला कर सकता है।

S-400 डिफेंस सिस्टम के घटक और कार्यप्रणाली

  1. कमांड और कंट्रोल सिस्टम
  2. सर्विलांस रडार
  3. गाइडेंस रडार
  4. ट्रांसपोर्ट इरेक्टर लॉन्चर

इसके अलावा, सिस्टम में विभिन्न रेंज की 4 प्रकार की मिसाइलें भी शामिल हैं:

  1. शॉर्ट रेंज मिसाइल
  2. मीडियम रेंज मिसाइल
  3. लॉन्ग रेंज मिसाइल
  4. वेरी लॉन्ग रेंज मिसाइल

ये मिसाइलें 40 किलोमीटर से लेकर 400 किलोमीटर तक की दूरी पर जवाबी हमला कर सकती हैं। भारत रूस से 400 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइल खरीद रहा है, जिसे 40N6E कहा जाता है। वेरी लॉन्ग रेंज की मिसाइल 400 किलोमीटर की दूरी के साथ-साथ 180 किलोमीटर की ऊंचाई तक भी हमला कर सकती है।

S-400 कैसे काम करता है?

  1. डिफेंस सिस्टम का सर्विलांस रडार अपने परिचालन क्षेत्र के आसपास एक सुरक्षा घेरा बनाता है।
  2. जैसे ही कोई मिसाइल या अन्य हथियार इस घेरे में प्रवेश करता है, रडार उसका पता लगा लेता है और कमांड व्हीकल को अलर्ट भेजता है।
  3. अलर्ट मिलते ही गाइडेंस रडार लक्ष्य की स्थिति का पता लगाकर जवाबी हमले के लिए मिसाइल लॉन्च करता है।

पाकिस्तान का HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम

पाकिस्तान ने 14 अक्टूबर 2021 को HQ-9 AD मिसाइल सिस्टम को अपनी सेना में शामिल किया था। इसे चीन की प्रिसीजन मशीनरी इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन (CPMIEC) ने विकसित किया है। यह लंबी दूरी तक सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जिसे भारत के राफेल, सुखोई और ब्रह्मोस मिसाइलों के हमलों को रोकने के लिए कराची और लाहौर जैसे शहरों में तैनात किया गया था।

S-400 की HQ-9 पर श्रेष्ठता

भारत का S-400 डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान के HQ-9 AD से कई मामलों में श्रेष्ठ है:

  1. रेंज: S-400 की रेंज 400 किमी है, जबकि HQ-9 AD की रेंज मात्र 125 किमी है।
  2. मिसाइल क्षमता: S-400 में 6 लॉन्चर हैं, जो पूरी तरह से लोड होने पर 128 मिसाइलें लॉन्च कर सकते हैं।
  3. तैनाती समय: पाकिस्तान के HQ-9 AD को तैनात करने में 35 मिनट का समय लगता है, जबकि S-400 मात्र 5 मिनट में तैनात हो जाता है।
  4. रडार तकनीक: S-400 में AESA रडार है जो स्टील्थ विमानों और अधिक लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है, जबकि HQ-9 का PESA रडार तुलनात्मक रूप से कमजोर है।
  5. विरोधी क्षमता: भारत का S-400 पाकिस्तान के JF-17, F-16 और बाबर क्रूज मिसाइलों को आसानी से रोक सकता है।

निष्कर्ष

S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम भारत की वायु सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी उन्नत तकनीक, विस्तृत रेंज और बहु-लक्ष्य क्षमता इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एयर डिफेंस सिस्टम में से एक बनाती है। हालिया घटनाओं ने इसकी प्रभावशीलता को साबित किया है, जिससे भारत की रक्षा क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।

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